नारायणपुर, 28 अप्रैल 2026// सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित राज्य शासन की नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत अबूझमाड़ क्षेत्र में महिलाओं एवं स्व-सहायता समूहों को डिजिटल और मोबाइल बैंकिंग से जोड़ने हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद रायपुर तथा शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय नारायणपुर के संयुक्त प्रयास से इरकभट्टी एवं आसपास के गांवों में डिजिटल एवं मोबाइल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए “ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर” कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि इरकभट्टी, कानागांव एवं कच्चापाल की ग्राम सरपंच श्रीमती रजमा नूरेटी ने किया।

शिविर में प्रशिक्षकों, स्व-सहायता समूह के सदस्यों, स्थानीय दुकानदारों तथा ग्रामीण बैंकिंग से जुड़े लोगों को डिजिटल बैंकिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया नारायणपुर के शाखा प्रबंधक रशीद अंसारी एवं एफएलसी अधिकारी एच.आर. ठाकुर ने प्रतिभागियों को सुरक्षित डिजिटल लेन-देन, मोबाइल बैंकिंग एप का उपयोग, यूपीआई से भुगतान, साइबर फ्रॉड से बचाव, पिन एवं ओटीपी साझा न करने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। प्रतिभागियों ने क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान करना सीखा तथा स्वयं क्यूआर कोड जनरेट करने की प्रक्रिया भी समझी। कार्यक्रम के दौरान डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता पर विशेष जोर दिया गया।
सी-कोस्ट प्रोजेक्ट के अंतर्गत महाविद्यालय के प्राचार्य एवं समन्वयक, भौतिकशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. बी.डी. चांडक ने कहा कि डिजिटल और मोबाइल बैंकिंग से ग्रामीण क्षेत्रों में कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण तकनीकी रूप से सशक्त होंगे। सह-समन्वयक डॉ. हरिशंकर कुमार ने बताया कि यह पहल डिजिटल सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डॉ. एस.आर. कुंजाम ने बताया कि आगामी चरण में नियद नेल्लानार ग्रामों की सभी महिलाओं के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं डिजिटल बैंकिंग एवं भुगतान प्रणाली से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार भतपहरी ने कहा कि यह प्रशिक्षण बस्तर क्षेत्र में डिजिटल क्रांति के सपनों को साकार करेगा। वहीं सहायक प्राध्यापक वाणिज्य विभाग के श्री आर.के. यादव ने बताया कि इससे गांव और शहर के बीच डिजिटल दूरी कम होगी। शिविर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी सखी, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, महाविद्यालय के प्राध्यापक, यूजी एवं पीजी के विद्यार्थी सहित लगभग 150

महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरिशंकर Kumar ने किया।कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को मोमेंटो, शॉल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। ज्ञात हो कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद रायपुर द्वारा प्रायोजित है, जिसका उद्देश्य नियद नेल्लानार ग्रामों की महिलाओं एवं स्व-सहायता समूहों को डिजिटल एवं मोबाइल बैंकिंग अपनाने के लिए सक्षम बनाना है।






